
आगरा। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, आगरा चैप्टर द्वारा एक राष्ट्रीय संगोष्ठी, आगरा क्लब आगरा पर आयोजित की गई। संगोष्ठी का विषय था “नो मोर पाकिस्तान”।
दिल्ली से पधारे मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य गोलोक बिहारी राय ने संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान केवल भारत के लिए ही परेशानी पैदा नहीं करता बल्कि वह विश्व शांति के लिए भी खतरा है। दुनिया में कहीं भी कोई आतंकवादी घटना होती है तो उसकी जांच में कहीं न कहीं पाकिस्तान से संपर्क जरूर निकलता है।फ
पाकिस्तान इतने विरोधाभासों से घिरा हुआ है कि वह अपने आप टूटने के कगार पर आ खड़ा हुआ है। बलूचिस्तान हो सिंध हो या खैवर पख्तूनवा की समस्या हो, पाकिस्तान अब इस हालत में नहीं है कि वह इन समस्याओं को संभाल सके। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के विघटन की प्रक्रिया अपने आप तेज हो गई है। दुनिया की कोई शक्ति कितनी ही ताकत लगा ले, अब उसे बचा नहीं सकती।

ब्रिगेडियर मनोज कुमार ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान के नागरिक अपने देश के राष्ट्रगान का सम्मान करना नहीं जानते। राष्ट्रगान बजते समय वे खड़े नहीं होते और इसमें उन्हें कोई बुराई भी नजर नहीं आती। जहां अपने देश के प्रति ऐसी भावना हो उस देश को कौन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक असुधार वाली कौम है।
मंच के राष्ट्रीय मंत्री डॉ रजनीश त्यागी ने कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान का संरक्षण करता रहा है। लेकिन पाकिस्तान अपने कर्मों के कारण आज ऐसी परिस्थिति में फंस गया है कि अब उसका टूटना निश्चित है। अब उसे अमेरिका भी नहीं बचा सकता। पाकिस्तान अपने आप में खत्म होता हुआ देश है।
प्रमुख समाजसेवी हरेंद्र दुबे ने कहा कि देश के लोगों को इस बात के लिए जागरूक किया जाना चाहिए कि वे देश के अंदर अपने आसपास पाकिस्तान जैसी मानसिकता वाले लोगों को न पनपने दें।
प्रमुख राजनीतिक विश्लेषक गौरीशंकर सिकरवार ने कहा के पाकिस्तान में लोकतंत्र की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वहाँ की सेना अपने ही देश के लोगों पर गोली चलाती है। अभी बलूचिस्तान में हमने देखा। ऐसी ही घटनाएं उसके पतन का कारण बनेंगी।
कर्नल जीएम खान ने कहा कि पाकिस्तान की सेना अपने उन सैनिकों का भी सम्मान करना नहीं जानती जो युद्ध में मारे जाते हैं। ऐसी सेना कैसे अपने देश को बचा सकती है ?
संगोष्ठी की अध्यक्षता स्कॉर्डन लीडर एके सिंह ने की तथा संचालन डॉ. दिवाकर तिवारी ने किया। संगोष्ठी में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक पूरे समय मौजूद रहे।
