
नई दिल्ली। पड़ोसी देश पाकिस्तान को अब यह तय कर लेना चाहिये कि वह भूगोल का हिस्सा बना रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनना चाहता है। आपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाने के कुछ दिन बाद ही भारत के सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शनिवार को पाकिस्तान को यह चेतावनी दी। वे नई दिल्ली के मानेकशा सेंटर में ’यूनीफार्म अनवेल्ड’ द्वारा आयोजित एक सत्र में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित कर रहे थे। उनसे पूछा गया था कि आपरेशन सिंदूर जैसी परिस्थितियों फिर से उत्पन्न होती हैं तो भारतीय सेना की क्या प्रतिक्रिया होगी?
जनरल द्विवेदी ने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि यदि पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंकवादियों को पालने-पोसने के काम को बंद नहीं करता है तो उसे यह तय करना होगा कि उसे भूगोल पर बने रहना है या इतिहास में बदल जाना है।
7 मई को पहलगाम आतंकी हमले के बदले के लिए शुरू किये गये आपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के कई फौजी ठिकानों को भारी नुकसान हुआ था। यह संघर्ष 88 घंटे चला था। भारत से जबरदस्त मार खाने के बाद पाकिस्तानी डीजीएमओ ने भारत के आगे गिड़गिड़ाते हुए फोन करके युद्धविराम का अनुरोध किया था।



