
आगरा। सरस्वती लीडरशिप डवलपमेंट काउंसिल (एसएलडीसी) के तत्वावधान में चल रही युवा संसद जिसे स्वस्ति नीति समिट नाम दिया गया, वहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दो दिन तक चली तीखी बहस के बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम सर्वसम्मति से पास हो गया। बहस के दौरान छात्रों ने जिस प्रकार तर्क-वितर्क के माध्यम से तथ्य रखे और लोकसभा तथा राज्य सभा दोनों स्थानों के प्रतिरूपों में आम सहमति स्थापित की उसकी प्रशांसा दर्शक दीर्धा में बैठे लोगों ने भी की। यह आयोजन सरस्वती विद्या मंदिर कमला नगर आगरा में आयोजित किया गया जिसमें आगरा के 16 इंटरमीडिएट स्कूलों के 105 छात्रों ने हिस्सा लिया।
इस स्वस्ति नीति समिट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए बलवंत एज्यूकेशनल सोसाइटी के सचिव युवराज अंबरीश पाल सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों के द्वारा छात्र जीवन से ही नेतृत्व के गुण विकसित हों तो देश का राजनीतिक भविष्य सुरक्षित रहेगा। विशिष्ट अतिथि प्रख्यात इतिहासविद प्रोफेसर सुगम आनंद ने कहा कि दुनिया को लोकतांत्रिक प्रणाली भारत की देन है। यहां लोकतंत्र का बहुत प्राचीन इतिहास है। इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं द्वारा जब नारी शक्ति वंदन जैसे गंभीर विषयों पर तर्कपूर्ण चर्चा करके एक निष्कर्ष पर पहुंचते हुए देखना अत्यंत सुखद है। एसएलडीसी के चेयरमैन अनंत विश्वेंद्र सिंह ने भरोसा जताते हुए कहा कि स्वस्ति नीति समिट, प्रतिभागी छात्र-छत्राओं में देश की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक आदि समस्याओं और उनके समाधान को और गहराई से समझने में मील का पत्थर साबित होगा। एसवीएम के प्रधानाचार्य अमित चतुर्वेदी ने कहा कि जितनी परिपक्वता के साथ यहां छात्रों ने बहस की यदि वह परिपक्वता वास्तिविक राजनीतिज्ञ अपना लें देश की संसद का बहुत खर्चा बच जायेगा।
प्रतिरूपित लोकसभा स्पीकर वेदांश चतुर्वेदी और विधानसभा स्पीकर ऋतिक सिंह को अपने-अपने सदनों का सफलता पूर्वक संचलन करने और हर्ष भारद्वाज द्वारा इंटरनेशनल मीडिया का सफल नेतृत्व करने के लिए उन्हें मुख्य तथा विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
दो दिवसीय स्वस्ति नीति समिट में सर्वश्रेष्ठ सांसद चुनी गई गायत्री पब्लिक स्कूल की तृप्ति सिंह तथा सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता चुनी गईं गायत्री पब्लिक स्कूल की ही याशिका गुप्ता। प्रतिरूप लोकसभा की सर्वश्रेष्ठ वक्ता रहीं गणेशराम नागर की शकुन जैन, सर्वोच्च प्रस्तोता रहे सरस्वती विद्या मंदिर के सूर्यांश यादव, भानु प्रताप सिंह सरस्वाती विद्या मंदिर, गौरी बंसल सुमित राहुल स्कूल, आयुषी सिंह गायत्री पब्लिक स्कूल, अमोली वार्ष्णेय गणेश राम नागर स्कूल, तथा शमा वर्मा को भी पुरुस्कृत किया गया। प्रतिरूप राज्यसभा के सर्वश्रेष्ठ वक्ता परी यादव गायत्री पब्लिक स्कूल रहीं, सर्वोच्च प्रस्तोता कृति खण्डेलवाल गायत्री पब्लिक स्कूल बनीं, तथा नैतिक माहेश्वरी एसवीएम, धनंजय आनंद जैन एसवीएम, वैष्णवी पाल गायत्री पब्लिक स्कूल, राशी पाठक गणेश राम स्कूल तथा यश गौतम गायत्री पब्लिक स्कूल को भी पुरुस्कृत किया गया।
आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक संयोजक मंडल में तरुण कुमार सिंह, सुनील चौधरी, भूपेन्द्र राधव और अतुल सक्सैना तथा छात्र संयोजक मंडल में कृष्णा त्यागी, ओजस चतुर्वेदी और परम सत्संगी, समर सिंह राठौर, लोकेश त्यागी, ऋषभ अग्रवाल, शिवांग पाराशर, दिव्यांश वार्षणेय, आयुष सिंह, वरुण कुशवाह, सोनम कुमारी, सरस्वती, ईषा, प्राची यादव, रूबिका राना, सेजल श्रीवास्तव, मुस्कान कुमारी, मान्या गौर, काव्या शर्मा और निशिता शर्मा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सरस्वमी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रमोद सारस्वत, मंत्री सीए महेन्द्र गर्ग, एसवीएम के प्रबंधक अमित अग्रवाल, अध्यक्ष राकेश मंगल, प्रधानाचार्या चारू पटेल तथा प्रधानाचार्या रेनू चौधरी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।कार्यक्रम के अंत में सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक अमित अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित







